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Thursday, September 11, 2008

आना चले आना


आना चले आना
मेरे सनम
दिल में मेरे
जाना दूर नहीं जाना
दिल से मेरे
मेरे सनम
भूलेगें न वो हम लम्हें
संग थे हम-तुम सनम
काटे कैसे कटें
ये रातें
तेरे बिना
आना चले आना
मेरे सनम
दिल में मेरे
हम-तुम प्यार से मिलते थे
हम-तुम संग रहते थे
फिर क्यों ?
दूरी हुई
अब दरमियां
आना चले आना
मेरे सनम
दिल में मेरे
मेरे सनम......

3 comments:

संगीता पुरी said...

अच्छा है।

pallavi trivedi said...

nice...

राज भाटिय़ा said...

बहुत अच्छा हे, लेकिन बुला तो रहे हो कोई अता पता तो लिखा नही कहा आना हे?