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Thursday, October 23, 2008

इन दिनों लखनऊ में...........................मैं

लखनऊ में आगमन और फिर एक नयी सुबह । अच्छा मौसम होने के साथ ही साथ ट्रेन का सफर काफी सुखद अनुभूति करा रहा था । लखनऊ आगमन का प्रस्ताव मेरे मित्र और खुद की इच्छा पर हुआ। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में आजकल समय ही नहीं बाकी सब कुछ है । तो सोचाकि इन दीवाली की छुट्टीयों को पुराने मित्रों के साथ गुराजा जाय । कई सालों के बाद जब पुराने दोस्तो से मुलाकात हुई तो कुछ पुरानी यादें ताजा हो गई । वैसे लखनऊ मैं पहली ही बार घूम रहा हूँ । आज का प्लान हजरतगंज में स्थित सहारा माल का हुआ । पूरा दिन बातों में गुजरा और कुछ समय सोने के बाद । शाम का समय ,हलकी हवा के झोंको के साथ पुरानी यादें ताजा हो रही थी । दिल को बहुत सुकून मिल रहा था ।
लखनऊ का हजरतगंज यहांकी जान कहा जा सकता है । काफी कुछ पुराने नवाबी सलीके का दर्शाता हुआ एक जीवंत तस्वीर पैदा करता है । सड़के साफ सुथरी और खाली । लोगों का आवागमन बहुत ही शान्त महौल में । हजरतगंज का इलाका मेरे लिए आकर्षण का केन्द्र रहा । चारों तरफ हरियाली और साऐ सफाई बहुत ही अच्छी लगी । कभी लखनऊ आये तो यहां हजरतगंज और सहारा माल का आनन्द जरूर लें । जो बहुत ही सस्ता और आनन्दित करने वाला है । समय कम है पर लिख रहा हूँ अब आगे का सफर इलाहाबाद का है वैसे तो इच्छा और भी जगह घूमने की है पर समय आभाव होने के कारण भविष्य पर छोड़ता हूँ ।

8 comments:

विनय said...

अरे साहब, गोमती नगर में FunMall और Wave भी देखें, आपको ज़रूर मज़ा आयेगा!

संगीता पुरी said...

बहुत अच्छा ।

राज भाटिय़ा said...

चलिये फ़िर इलाहबाद मै मिलते है, वेसे आज क्या क्या खरीदा हजरतगंज से?
धन्यवाद

Dr. Nazar Mahmood said...

bhadhiya hai
happy diwali

Kheteshwar Borawat said...

हिन्दी - इन्टरनेट
की तरफ से आपको सपरिवार दीपावली व नये वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये

योगेन्द्र मौदगिल said...

इलाहाबाद के अमरूद और शायर जगप्रसिद्ध हैं भाई
लिये...?
ना लिये हों तो ले लो....

योगेन्द्र मौदगिल said...

कहां फंस गये भाई कुछ लिखो अब

Akshaya-mann said...

मैंने मरने के लिए रिश्वत ली है ,मरने के लिए घूस ली है ????
๑۩۞۩๑वन्दना
शब्दों की๑۩۞۩๑

आप पढना और ये बात लोगो तक पहुंचानी जरुरी है ,,,,,
उन सैनिकों के साहस के लिए बलिदान और समर्पण के लिए देश की हमारी रक्षा के लिए जो बिना किसी स्वार्थ से बिना मतलब के हमारे लिए जान तक दे देते हैं
अक्षय-मन