जन संदेश

पढ़े हिन्दी, बढ़े हिन्दी, बोले हिन्दी .......राष्ट्रभाषा हिन्दी को बढ़ावा दें। मीडिया व्यूह पर एक सामूहिक प्रयास हिन्दी उत्थान के लिए। मीडिया व्यूह पर आपका स्वागत है । आपको यहां हिन्दी साहित्य कैसा लगा ? आईये हम साथ मिल हिन्दी को बढ़ाये,,,,,, ? हमें जरूर बतायें- संचालक .. हमारा पता है - neeshooalld@gmail.com

Sunday, March 29, 2009

अगर आदमी के पूँछ होती तो..................[हास्य]

अगर आदमी के पूँछ होती"""""""""""""""""""""""""
कल्पना करें की आपके पूँछ हो तो क्या होता? चलिए जनाब हम आप को ले चलते हैं पूँछों की काल्पनिक दुनिया में। जब हम किसी व्यक्ति से मिलते है तब हम हाथ मिलाते हैं पर आप आराम से अपनी पूँछ इधर-उधर हिलाकर सामने वाले की पूँछ से अपनी पूँछ मिलाकर खुशी का इजहार करने के लिए एक दूसरे से पूँछें ऐठ लेते। हम अपनी पूँछ के लिए अलग से स्टाइलिस कपडें खरीदते और पूँछ को अलग-२ तरह से सजाते तथा पूँछों के भी अलग-२ स्टाइल प्रचलित होते। जब आप सिनेना घर में फिल्म देख रहे होते और कोई हास्य सीन आता तो आप ताली के लिए हाथ की जगह पूँछसे थपथपाहट करते। हमारी पूँछ की आवश्कता बहुत बढ जाती कि कोई वस्तु, कोई समान आसानी से उठाया जाता। पूँछों के देखभाल के लिए टेल केयर सेंटर तथा टेल स्पेसलिस्ट होते साथ ही साथ टेल डिजाइनर होते।
कितना अच्छा होता अगर पूँछ होती लोग अपनी जुल्फों को पूँछों से हटाते और पूँछों से अगल-बगल बैठे लोगों को छेंडते और परेशान करते ।
काश ये सच होता।

7 comments:

mehek said...

tail care center,ha ha ha bahut hi mazedar lekh:) kaash aisa hota.

हिन्दी साहित्य मंच said...

हा हा हा । गजब की कल्पना है । हां पूँछ होती तो ?????????मजेदार

मीनाक्षी said...

आपकी पूँछ ने... :) मेरा मतलब इस पोस्ट की पूँछ ने पुरानी यादें ताज़ा कर दीं जब स्कूल के बच्चो के साथ आदमी की पूँछ होने की कल्पना करते हँस हँस कर लोट पोट हो जाते...

आलोक सिंह said...

क्या बात है ,बहुत अच्छी कल्पना ,
जिसकी पूंछ जीतनी लम्बी होती वो इतना बड़ा आदमी होता . जितनी बड़ी पूंछ उतनी ज्यादा पूछ होती ,
हा हा हा

शोभा said...

हा हा हा बहुत बढ़िया अंदाज़ है।

Yogesh Verma Swapn said...

sunder kalpana, poonchh aur moonchh par dher saari kavitayen hotin.

mamta said...

दाद देनी पड़ेगी आपकी !

क्या कल्पना की उड़ान है । :)