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Tuesday, March 10, 2009

कैसी होली? काहे की होली भाई ............................? [ सच्चाई से मुंह छिपाते हम ]

काहे की होली ? कैसी होली भाई ? न पैसा , न प्यार बस लड़ाई झगड़ा और तकरार फिर भी कहे जा रहें हैं होली है । हमारी कोई होली सोली नहीं है हम बताय देत हैं । ये बात हैं उन परिवारों की जहां दो जून की रोटी के लिए भारी मेहनत और मस्सकत करनी होती है । पूडी़ और मिठाई नहीं जीने के लिए जरूरत है रोटी की । और वह मिलती है जी तोड़ और कमर तोड़ मेहनत से । चारों तरफ होरी गीत और हुडदंग है पर आज भी वह घर आज भी बेरौनक है।

रंगों की फुआर में सब कुछ बदरंग है । बच्चे हैं पर नंगे और भूखे । परिवार की दशा बद से बदतर हो चली है कमायी के नाम पर है तो मजदूरी । जब खेतय नहीं तो काहे की फसल । इस चकाचौंध रोशन में आखें अंधी हो चली हैं । रोशन रातें अब बिना दिये के ही अंधेरे में गुजर रही हैं। कहीं से कोश उम्मीद न है, सहारा है तो टूटी फूटी किस्मत और अपनी मजदूरी का बस इसके सिवा और कुछ नहीं ।

यह त्यौहार न आये तो अच्छा ही है , कम से कम एक दिन मजदूरी करके पेट तो भर जायेगा वर्ना एक और जमहत । आखिर इस सच्चाई से क्यों दुनिया मुंह मोड़े हुए हैं । देश की ज्यादा संख्या अभी भी ऐसे दबे कुछले लोगों की है जो भूखे हैं और नंगे भी । तो एसे मे क्या फर्क पड़ता है कि होली है या दिपावली । बच्चे आज भी वैसे ही रंहेगें और कल भी । कितनी बड़ी विडंबना है समाज की और हमारी एक तरफ खुशी तो एक तरफ ऐसी जिंदगी कि जिसे देखकर नहीं बल्कि सुन कर ही रोंगटे खडै हो जायें हैं । मन दुखी हो जाता है । दोष किसका दें पर इनकी जिंदगी ये ऐसे ही है और रहेंगी।

कोई करोडों लुटाता है नाम को पर एक पैसे नहीं है इस जनता के लिए । शुभ होली
ज्यादा न पीयें वरना टल्ली हो जायेंगें , तो हमें ना कहियेगा कि बताया नहीं ।

13 comments:

Nirmla Kapila said...

bahut khoob hamne bhi socha tha ki hindi blog tips dekh kar ham bhi aapki tarah blog par hi holi mana lete hain magar ham se vo tips activate hi nahi hui chalo aapko holi mubaarak

Nirmla Kapila said...

bahut khoob hamne bhi socha tha ki hindi blog tips dekh kar ham bhi aapki tarah blog par hi holi mana lete hain magar ham se vo tips activate hi nahi hui chalo aapko holi mubaarak

SWAPN said...

dhanyawaad nishoo, aapko bhi aapke pariwar sahit holi ki dheron shubhkaamnaayen.

Udan Tashtari said...

सही है...संभल कर पियें.

होली की बहुत बधाई एवं मुबारक़बाद !!!

चण्डीदत्त शुक्ल said...

achcha likha...kadwa sahee sach hai yahee

नीरज गोस्वामी said...

होली की ढेरों रंग बिरंगी शुभकामनाएं.
नीरज

सुनीता शानू said...

नीशू आपको व आपके परिवार को होली की ढेर सारी शुभकामनाऎं...

Prem Farrukhabadi said...

good suggestion.

MAYUR said...

होली की मुबारकबाद,पिछले कई दिनों से हम एक श्रंखला चला रहे हैं "रंग बरसे आप झूमे " आज उसके समापन अवसर पर हम आपको होली मनाने अपने ब्लॉग पर आमंत्रित करते हैं .अपनी अपनी डगर । उम्मीद है आप आकर रंगों का एहसास करेंगे और अपने विचारों से हमें अवगत कराएंगे .sarparast.blogspot.com

अशोक कुमार पाण्डेय said...

अरे भाई बात तो सही है। हालात ऐसे हैं कि क्या होली क्या ईद।

पर फिर भी एक दिन थोडा मस्त हो लेने में हर्ज़ ही क्या है!!!!

surabhi said...

होली कि मस्ती में मस्त है ये ठीक है
पर कुछ घर ऐसी भी है जहा भूख अब भी बस्ती है
आपने सब ने सब को झकझोर दिया
एक सच को साकार किया है अपनी कलम से आज फिर
आज के दिन नशा नहीं ख़ुशी अपनाए होली है खुशिया बिखराए चहु और

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

होली की सपरिवार शुभकामनाएँ आपको ..

अनूप शुक्ल said...

होली की मंगलकामनायें!