बात फोटोग्राफी की आते ही हम खुश हो जाते हैं, उछल पड़ते हैं। अपने चेहरे को (थोबड़े) को शीशे के सामने कई बार अलग-अलग कोण से निहारते हैं .आखिर भई जैसे हो वैसे ही तो दिखोगे ना। और एक बात आखिर अपने पूर्वज को देख कर तो संतोष कर ही सकते हो (बंदरों) , काफी कुछ सुधर गया है, और कुछ आगे भी सुधर जायेगा पर अफसोस कि तुम नही होगे देखने के लिए , हां अगर तुम्हारी आत्मा भटकती रही तो और बात है।
अच्छा एक बात जो मुझे हंसने पर हमेशा मजबूर करती है वो में आज आप लोगों के सामने कहना चाहूगा । आप ने शादी की फोटो देखी होगी और वीडियो सी डी भी।दुल्हन बेचारी इसमें बली का बकरा बनती है , एक तो शादी का हौवा और दूसरी तहफ व्यूटीशियन के खास लगने के खास टिप्स- हंसना नहीं , इधर-उधर घूमना नही पसीना होने से मेकअप खराब होगा ,हाथ नहीं हिलाना , पानी पीना पर ज्याद होठ को नही खोलना नहीं तो लिपिस्टिक खराब होगी इत्यादि।
ऐसा पूरा दिन मेकअप होगा बिना कुछ खाये पिये, ऐसा मानों कि किसी को प्रसन्न करने के लिए तपस्या कर रही हों । चलिएबारात आने से दो घण्टे पहले पूरा मेकअप हो गया अबदुल्हन के साथ स्टेज पर जो साथ ें लड़किया(चमची)जाती हैं ,को सजाया जाता है ।अब सब तैयार होती है युद्ध के लिए स्टेज पर जाने के लिको।
घर से दुल्हन लेकर निकली धीरे-२ कदमों बढ़ती हुई, दुल्हन को कसकर जकड़े हुए ,ऐसा जैसे की कोई छीनकर न ले जायेगा । दुल्हन तो दुल्हन साथ जो लड़कियं चलती है बलखाके ,वो तो ऐसे घूरती हैं जैसे कि कोई गुनाह किसी ने कर दिया हो, फिर धीरे-से मुस्कुरायेगीं कैमरे की तरफ देख कर , अगर गलती से कैमरा उनकी तरफहोगा तो ठीक है नही तो फिर कोई ऐेसी नटखट हरकत जिससे वो कैद हो सके कैमरे में।
बात-बात पर हंसी जैसे की पैसे देकर बुलाया गया हो हंसने के लिए। पूरा समय यही होगा स्टेजपर उसके बाद कैमरा हटा काम खत्म। जल्दी -जल्दी घर में और फिर खूब सारे खाने की चीजें लेकर पूरे दिन का हिसाब बराबर कर अब राहत की सांस। फिर सारा काम खत्म और फोटो और सी डी का बेसब्री से इंतजार।
Sunday, March 16, 2008
अरे आइये फोटोग्राफी करें ...........
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1 टिप्पणियाँ:
इस पोस्ट के साथ कुछ शादी के फोटों भी होते तो अच्छा होता।वैसे शादी के माहोल पर अच्छी पोस्ट लिखी है।
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