
पिछले दिनों न्यायपालिका ने गजब के फैसले दिये हैं चाहे वो अभिनेता संजय दत्त को टाडा अदालत के न्यायधीश पी डी कोडे द्वारा १९९३ मुम्बई बम काण्ड की सुनवाई के दौरान केवल अवैध हथियार रखने का दोषी पाया जिसके तहत ६ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। टाडा अदालत ने १०० लोगों को बम काण्ड में दोषी करार दिया । भले ही इस मामले में न्याय प्रक्रिया में देरी हुई परन्तु लाख कोशिश के बावजूद भी आरोपी बच नही सके । संजय दत्त ने टाडा अदालत के फैसले के विरूद्ध उच्चतम न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की जिसको न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
उधर दूसरी तरफ चिंकारा शिकार में मामले जानेमाने फिल्म अभिनेता सलमान खान को पिछले सप्ताह जोधपुर के सत्र न्यायाधीश ने दोषी पाया तथा ५ वर्ष की कैद को बरकरार रखा है तथा साथ ही साथ सलमान के अदालत में न मौजूद होने के कारण गैर जमानती वारण्ट जारी किया जिसके चलते पुलिस ने सलमान को जोधपुर हवाईअड्डे पर तब गिरफ्तार किया जब वो मुम्बई से जोधपुर में आत्म समर्पण करने आ रहे थे। सलमान को मिली पाँच वर्ष की क़ैद की सज़ा के ख़िलाफ़ उनके वकीलों ने जोधपुर हाईकोर्ट में अपील की थी जिसपर सुनवाई के बाद शुक्रवार को उनकी ज़मानत मंज़ूर कर दी गई ।
इस तरह से यह बात तो निकल कर सामने आयी की न्याय पालिका अपना काम पूरी मन लगन से कर रही है पर न्यायप्रकिया इतनी जटिल है कि दोषी किसी न किसी तरह से बच ही जाते है । पर चाहे आदमी हो या फिर कोई खास शख्सियत कानून से बच नहीं सकता।
1 comment:
good subject..........................
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