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Sunday, February 15, 2009

इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रलोभन पर न करें विश्वास , नये पत्रकारों का हो रहा है शोषण...............

मीडिया समूह द्वारा मेरे दोस्त को प्रलोभन दे कर ट्रेनी के तौर पर रखा गया । कुछ महीने का वादा कर आईसीएल मैच तक खूब का कराया गया । मैच खत्म होते ही उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया । साथ ही साथ कुछ स्थाई तौर पर काम कर रहे लोगों को भी नौकरी से हाथ धोना पड़ा । जवाब मिला की आर्थिक कारणों से आपको निकाला जा रहा है ।
कोई ऐसा पहली बार नहीं हुआ है । इस तरह से मीडिया समूह नये पत्रकारों का शोषण करते रहते हैं । बिना पैसे दिये हुए काम लेना फिर लात मारकर निकाल देना । और इसके बाद वह व्यक्ति सिवाय अफसोस के और कुछ भी नहीं कर सकता है ।
जाब पाना वो भी इलेक्ट्रानिक मीडिया में समंदर से मीठा पानी निकालने जैसा ही है । आपके पास जुगाड हो तभी आपको प्रवेश मिल सकता है वरना मुश्किल है । काबिलितय को एक तरफ और जुगाड एक तरफ ये दोनों आप के पास होना चाहिए तभी सम्भव है कि आप टीवी पर आने का सपना साकार कर पायें।
आर्थिक मंदी का दिखावा कर ये मीडिया जगत सरकार को उल्लू बना रही है । नयी नौकरी का अकाल सा पड़ गया है । कई ऐसे लोगों को सड़क पर आना पड़ गया जो कई साल से संस्थान से जुड़े हुए थे । सवाल पैसे का है और कुछ भी नहीं । लोगों को चाहे कोई भी परेशानी क्यों न हो ? साथ ही उस पोस्ट के लिए कम पैसे में काम करने के लिए लोगों को एक अच्छी लाइन मौजूद है पहले से ही ।

1 comment:

Dev said...

बहुत सुंदर रचना .
बधाई
इस ब्लॉग पर एक नजर डालें "दादी माँ की कहानियाँ "
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