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Tuesday, May 19, 2009

हा हा चाभी मेरे पास है ...................हंसगुल्ले

१-
मेंटल हास्पिटल में पागलों की संख्या काफी बढ़ती ही जा रही थी।
डाक्टर साहब ने कहा- आज एक टेस्ट लेते है और देखते हैं कि कितने मरीज ठीक हो गए है और कितने को छुट्टी दी जा सकती है। डाक्टरसाहब ने सभी मरीजों को क्लास रूम में बुलाया और चाँक लेकर ब्लैकबोर्ड पर एक बंद दरवाजा बनाया।

डाक्टर ने कहा - जो भी इसे खोल देगा, उसे एक आइसक्रीम दी जाएगी।
सारे एक साथ ब्लैकबोर्डपर झपट पडें। केवल एक मरीज चुपचाप बैठ कर उन्हें देखता रहाथा।
डाक्टर सोच में पड़ गया और कहने लगा कि आह सिर्फ एक ही मरीज डिस्चार्ज होगा।
चुपचाप बैठे मरीज से डाक्टर ने कहा कि तुम चुपचाप क्यों बैठे हो?
मरीज बोला- चुप हो जाओ, वरना सब के सब मुझ पर झपट पडेगें।
डाक्टर - पर क्यों?
मरीज बोला- कयोंकि इस दरवाजें की चाबी मेरे पास है।
२-
बच्चा अपने पिता से- डैडी आपने रेडियो को फ्रिज में क्यों रख दिया ?
पिता- अरे मैं कूल म्यूजिक सुनना चाहता हूँ।
३-
पिता बेटी से- मुझे तुम्हारी पसंद अच्छी नहीं लगी, इससे कहीं अच्छामिल सकता है।
मां पति से- आपको अपनी बेटी कीपसंद अच्छी क्यों नही लगी?
पति- नहीं लगी, क्योंकि इससे कहीं अच्छा लड़का उसे मिल सकता था।
पत्नी गुस्से में- हां , मेरे पिताजी भी तुम्हारे बारे में यही कहते थे कि तुमसे अच्छा लड़का मिल सकता था।

9 comments:

अनिल कान्त : said...

ha ha ha
majedar

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

मजेदार........

priya said...

bahut majedaar

Mithilesh dubey said...

ha ha bahut khub

shiv said...

mja aa gya nishu ji padh kar . jordaar

हिन्दी साहित्य मंच said...

sbhi hansgulle jordar hai

Udan Tashtari said...

सभी मजेदार-पहला जबरदस्त.

SWAPN said...

ha ha ha majedaar.

आलोक सिंह said...

हा हा हा
बहुत अच्छे
:)