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Friday, July 2, 2010

ब्लोग्वानी फिर से तरोताजा होकर नए और सशक्त रूप में आ रहा है........अस्थाई विराम .मेरे विचार में यह सही कदम..........neeshoo tiwari

ब्लॉग की जब भी बात होती है तब हमको जरुरत पड़ती है एक ऐसे माध्यम की जहाँ पर सारे ब्लॉग को एक साथ पढ़ा जा सके .....यानि एग्रीगेटर .......और बहुत सारे एग्रीगेटर के आने के बाद भी ब्लोग्वानी का अपना अलग और विशेष स्थान है......कुछ दिनों से ब्लोग्वानी पर अस्थाई विराम लगा हुआ है...........मेरे विचार में यह सही कदम है.........क्यूंकि जब हम लगातार काम करते हैं तो कुछ थकावट महसूस करते हैं ..ऐसे में हमको कुछ आराम की आवश्यकता होती है...........अब ब्लोग्वानी फिर से तरोताजा हो कर नए और सशक्त रूप में आएगा ........
संद और नापसंद .........पढ़ा जाना और दुत्कार दिया जाना ..........सबसे हॉट या सबसे निचे आप की पोस्ट होना ( ब्लोगर की सहमती और असहमति इस पर ज्यादा है)........और सबसे  महत्वपूर्ण की ब्लोग्वानी से हिंदी को कितना फायदा है? ब्लोग्वानी ने अंतरजाल पर हिंदी को न्य रूप दिया और आगे भी देता रहेगा .............हाँ कुछ असामाजिक तत्त्व तो हर जगह होते हैं जो नहीं कहते की अच्छा कार्य किया जाये...पर इन लोगों पर ध्यान दिए बिना ...सार्थक प्र प्यास किया जायेगा .............और जल्द ही ब्लोग्वानी को आप फिर से देख पाएंगे ..............साथ ही जूनियर ब्लोगर एसोसिएशन 30 दिनों के अंदर वापस लाने को कटिबद्ध है........  
की  बैठक का सबसे अहम और तृतीय प्रस्‍ताव ब्‍लागवाणी के सम्‍बन्‍ध मे रखा गया। ब्‍लागवाणी के अचानक बंद सम्बन्‍ध मे चिंता व्‍यक्‍त की गई। ब्‍लागवाणी के बंद होने के कारणो का पता लगाने के लिये असीमित अधिकारों वाली जॉच समिति बनाई गई है और यह जाँच समिति पूर्ण अधिकार के साथ कार्य व हर किसी के साथ वार्ता करने का अधिकार होगा।

4 comments:

Udan Tashtari said...

अच्छा समाचार है. इन्तजार करते हैं.

सत्य गौतम said...

जय भीम ! न लौटे तो भी काम तो कोई रुकने वाला है नही ।

महाशक्ति said...

भाई सत्‍य गौतम भीम भी चले गये किन्‍तु कोई काम नही रूका जिस गांदगी को उन्‍होने साफ करने का प्रण लिया था उनके अनुयायी अभी भी उसी गंदगी मे लोट रहे है, आज भीम होते तो शायाद आपको इतना बोलना न पडता, यही स्थिति ब्‍लागवाणी के सम्‍बन्‍ध मे है ब्‍लागवाणी के न रहने से कोई काम नही रूकेगा किन्‍तु आज कमी जरूर महसूस की जा रही है।

Maria Mcclain said...

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