जन संदेश

पढ़े हिन्दी, बढ़े हिन्दी, बोले हिन्दी .......राष्ट्रभाषा हिन्दी को बढ़ावा दें। मीडिया व्यूह पर एक सामूहिक प्रयास हिन्दी उत्थान के लिए। मीडिया व्यूह पर आपका स्वागत है । आपको यहां हिन्दी साहित्य कैसा लगा ? आईये हम साथ मिल हिन्दी को बढ़ाये,,,,,, ? हमें जरूर बतायें- संचालक .. हमारा पता है - neeshooalld@gmail.com

Saturday, July 24, 2010

लड़की पटाओ या महिला या वेश्या इससे किसी को कोई मतलब नहीं .......ये प्रगतिशीलता की निशानी ...कुछ सीखो


ओछी ब्लॉगिंग की शानदार राजनीति के प्रथम में महूफूज और महिला ब्लोगर सम्बन्ध में आपका स्वागत है..........आपको यहाँ किसी महिला को कैसे पटाया जायेगा का पाठ जायेगा .... 
आने में कुछ देर हो गयी है पर अपनी बात तो कह कर ही जाऊंगा .........कोई कमेन्ट के लिए मैसेज करे और फिर उस कमेन्ट मिले ...लेकिन बात तब ख़राब होती है..जब मनमाफिक और चाटुकारिता भरी राय न हो ........ऐसे ही उसको डिलीट कर दिया जाता है.....कोई एक ऐसे महफूज नहीं बहुत सारे हैं .....जो धीरे धीरे सामने आते जायेगे ..........कोई ब्लोगर भाई हमेश सार्थकता की बात करते हैं ..करना भी जायज है.......पर सच्चे दिल से कहूँ तो कोई भी ऐसा नहीं करता ......कोई माने या न माने ..........और हाँ जो अपने को आधुनिक नारी या कहें प्रगतिशील समझती हैं वह उनका भ्रम मात्र है.........मैं किसी महिला से बदतमीजी करूँ और कोई अन्य महिला ही आकर कहें बहुत खूब ........बहुत अच्छा किया तो ये किस तरह से जायज होगा ........लेकिन होता यही है.......हाँ में हाँ मिलाने वाली महिला ब्लोगर भी कमेन्ट के चक्कर में जो रहती हैं .....वास्तविकता को देखकर दुःख होता हैं.....सभी एक दुसरे की पैंट उतरने में लगे हैं ............लेकिन ये नही पता है की दोनों को नंगा होना पद सकता है........और कोई भी अपनी जरा सी आलोचना सुनने को क्यूँ नहीं तैयार होता है.?....... आप लोगों का लार टपकाना कब बंद होगा .........और लड़की पटाओ या महिला या वेश्या इससे किसी को कोई मतलब नहीं लेकिन .........वाह वाह ...के चक्कर में किसी की भावना की ऐसी की तैसी क्यूँ करते हैं या करती हैं ........
और हाँ हो सकता है की मेरी बात किसी को बुरी लगे पर जो कुछ सोचता हूँ .................लिख देता हूँ ..........

2 comments:

Anonymous said...

aab to aap apna Insurance kava le. Mahfoos mhabali aapki khabar lane aate he honge.

Pawan Kumar said...

baat to sahi kahi dost, sab ek dusre ki pent utarne me lagey hain