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Thursday, June 17, 2010

मठाधीश सपनेहु सुख नाहीं

जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन से से मठाधीश इतने डर गये है कि रात के सपने मे भी जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन की पोस्‍ट ही नज़र आती है। इधर जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन पोस्‍टे आती बाद में है नापंसद का चटका लगाने वाले पहले से बैठे मिल जाते है। अभी हाल मे ब्‍लागवाणी पर देखा तो 3 नापंसद के चटके जो पोस्‍ट आने से पहले मठाधीशो के गले मे अटके थे, वो जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन की पोस्‍ट पर नज़र आ रहा है। नापंसद के चटके के लिये SMS पर SMS भेजे जा रहे है वैसे दूबे भी ने कन्‍फर्म किया है कि के चटके वाला SMS उन्‍हे भी आया है, रोमिंग के कारण उन्‍होने फोन ही स्विच आफ कर दिया है।


हमारे ब्‍लाग गुरू कितनी अच्‍छी बात कह गये है कि मठाधीश सपनेहु सुख नाहीं मतलब कि मठाधीशो के सपने मे भी अब जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन के गठन के बाद सुख नही दिखेगा यही कारण है कि जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन की पोस्‍टो प्रकाशन के बाद दौरे तेज हो जाते है। अब मठाधीश सावधान रहे क्‍योकि इलाहाबाद धोषणा पत्र - जबरन बंद करवाये जायेगें मठा‍धीशों के अवैध मठ पर कार्यवाही तय है।

7 comments:

Anonymous said...

साले कुत्‍ते, हमसे भिड़ने की कोशिश की ऐसी मारेगे तुझे कि तू ब्‍लागिंग छोड़ कर भाग जायेगा।

Arvind Mishra said...

अब केवल एक रास्ता बचा है हम सभी लोग नापसंद नापसंद खेलें -हम टुच्चे लुच्चे हो गए हैं और ब्लोग्वानी धृतराष्ट्र !

Arvind Mishra said...

अब केवल एक रास्ता बचा है हम सभी लोग नापसंद नापसंद खेलें -हम टुच्चे लुच्चे हो गए हैं और ब्लोग्वानी धृतराष्ट्र !

निर्मला कपिला said...

क्या सच? मै तो कहती हूँ कि इस झगडे को बन्द करो। बस अपने काम की ओर ध्यान दो। जिसे जो करता है करने दो। आशीर्वाद

अमित सिंह said...

नापसंद के चठके किनके ब्लौगो पर लग रहे है? जूनियर के या सीनियर के?

युवा पीढी के पास इस तरह की तांग खिचाई के लिये समय नहीं है, ये सब उनको ही मुबारक जो एसा कर रहे हैं

अमित सिंह said...

नापसंद के चठके किनके ब्लौगो पर लग रहे है? जूनियर के या सीनियर के?

युवा पीढी के पास इस तरह की तांग खिचाई के लिये समय नहीं है, ये सब उनको ही मुबारक जो एसा कर रहे हैं

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

धारदार व्यंग्य।
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भविष्य बताने वाली घोड़ी।
खेतों में लहराएँगी ब्लॉग की फसलें।