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Thursday, May 27, 2010

.ब्रम्हांड सम्मलेन में होगा ब्लोगर मठाधीश का चुनाव आप भी आना .....( एकजुटता में शक्ति )......आजमाओ तो जानो ब्लोगर बंधुओं

ब्लॉग पर चाहे  बेनामी का कमेन्ट हो या फिर किसी नामी  गिरामी का मैं किसी पर भी पर भी पाबन्दी लगाने के खिलाफ हूँ ...क्योंकि अगर मुझे कोई गलत बात कहता है तो मैं उससे स्वाविकार  करने में जरा भी गुरेज नहीं करता हूँ ...क्योंकि गाली या बुराभला  वही कहता  है जिसके पास शब्द कम हो जाते हैं  ....हाँ जिसको जो समझना और कहना है वह कहेगा ....क्योंकि सभी को पता है की वह क्या कर रहा है ? 
........ब्रम्हांड सम्मलेन 
अब जल्द ही  ब्रम्हांड ब्लोगर सम्मलेन चाँद पर होगा ....जिसमे सभी ब्लोगर विमान और उपग्रह से पहुँच कर शामिल हो ...सबसे अच्छी बात इस  ब्रम्हांड सम्मलेन की यह है की यहाँ पर ब्लोगर मठाधीश को गुटबाजी कर चुना जायेगा .....इसका सबसे अच्छा फायदा यह है की हम सभी किसी के विरोध को आसानी से कमेन्ट कर दबा देंगे .....साथ ही कई और उप मठाधीश भी चुने जायेगे .....सबको ब्लॉग पर पोस्ट करके सुचना दी जाएगी ......और जिसको कोई सूचना न मिले वह टाक झांक  जरुर कर ले वरना न हक़ आप वंचित हो जायेंगे  .... 
आइये हम सभी मिलकर किसी की बात की दबा दें ..
२... एकजुटता में शक्ति
वाकई एकजुटता में बहुत शक्ति है .....किसी पर भी प्रहार कर उसके अस्तित्व को ख़तम किया जा सकता है ...पर यही चीज तो सबके पास नहीं है ....आप भी किसी प्रकार का सम्मलेन कर ऐसी शक्ति पा   सकते  हैं ...तो करिए न आप भी  इस शक्ति का इस्तेमाल संगठन बना कर ....क्योंकि संगठन बनेगा तो आप भी तो कुछ न बन ही जायेंगे ...
३...बकबक 
ये तो सब बेकार है ....कूड़ा करकट है ...यहाँ चापलूसी नहीं मिलेगी ...कुछ और दरवाजा खटखटाओ तो शायद बात बन जाये
.....

5 comments:

Suman said...

nice

faij said...

hum to jarur aayenge .....waise bhi apni community bnani hai naa .. iss liye ..ho skta hai koi post humko bhi mil jaye ...

Anonymous said...

चांद पर सम्मेलन!
सुना है कि लोगों ने चांद पर भी जमीन खरीद डाली है, हा, हा, हा,

किसी दलाल को पकड़ कर चांद पर जमीन का एक टुकरा तो बुक करालो...

Anonymous said...

चाँद तो बहुत नज़दीक है, जिसे स्वर्गवासी ब्लौगर संगठन बनाने की सूझेगी वह भी सबसे कहेगा की चलो साथ मरते हैं और एसोसियेशन बनाते हैं.

इस बात का कोई जवाब नहीं देता कि संगठन वाले उन ब्लौगरों का क्या करेंगे जो उनका सदस्य बनना स्वीकार नहीं करेगा. निश्चित ही संगठन वाले यह पसंद नहीं करेंगे कि कोई उनका सदस्य बनना ठुकरा दे. इससे फंड में भी कमी आएगी. इसका इलाज़ वे उस ब्लौगर का विरोध करके ही कर सकते हैं. गुटबाजी करके एकमत से उसका बहिष्कार करेंगे वे सभी.

लेकिन भैया ब्लौगिंग किसी की बाप की जमीन का टुकड़ा तो है नहीं जो वे उसे अपने हक की खेती भी न करने दें.

और यह बेनामी कमेन्ट बंद करने की बात करनेवाला तुकबंदीकार खुद ही किसी अच्छी कुर्सी को कबाड़ने की फिराक में है. इसके साथ अजय मिलकर दोनों की चाचा-भतीजा की जोड़ी ब्लौगरों को चूना लगानेवाली है.

ब्लौगर साथियों, किसी के बहकावे में न आओ. अपनी ब्लौगिंग अपने मन से करो. कोई संगठन तुम्हारा न तो कुछ उखाड़ सकता है और न ही तुम्हें तुम्हारे हक से वंचित कर सकता है.

कूप कृष्ण said...

बच्चे निशु काठ की हंडि बार बार नहीं चडती मालूम है ना