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Monday, June 8, 2009

नैना फाइट .........प्यार के साइड इफेक्टस हाय हाय

प्यार करने वाले ही जाने क्या होता है प्यार ।।।। बदलते समय में जाने कहां से कहां तक पहुँच गया है प्यार का पैमाना । गली मुहल्ले से लेकर लबर्स पाइंट तक भारी तादात में इश्क फरमाने वाले प्राणी पाये जाते हैं । अब कभी गर्ल फ्रेंड तो कभी लवर्स ऐसे ही बदल जाती हैं परिभाषाएं समय देख कर । मूड की बात है । वैसे आज के प्यार में कुछ फायदे तो कुछ नुकसान भी है या कहिये तो ज्यादा नुकसान ही है दो दिन तो फोन पर ईलू ईलू हुआ .................चांद तारे तोड़कर लाने की बातें हुई दोनों तरफ से फिर मिलन भी संभव ही हो जाता है ...... लड़का बेचारा महीने भर की पाकेट मनी को एक पल में हंसते हंसते खर्च करता है ................बाद में पछताता है कि अरे ये मैने क्या कर दिया ? अब फोन का बिल भी कैसे पूरा होगा ................लड़की मिस काल से ज्यादा दे भी क्या सकती है । अगर बहुत प्यारा उमड़ा तो एक गुदगुदाता मैसेज आ धमके गया कि आई मिस यूँ ? ? जो जिसे कहना अच्छा लगे ।
वैसे पहले के प्यार में खर्च जैसा कुछ न होता रहा होगा । इजहार का भी मामला देर तक चलता रहा होगा । आज की तरह नहीं कि आर देखा न पार तड़ाक से बोल दिया वाना फ्रेंड या फिर थ्री मैजिक वर्ड ...........वैसे प्यार में जल्दबाजी जरूरी हो गया है वर्ना देर हो गयी तो फिर रूमाल ही गीला करने के अलावा और कुछ भी न बचेगा ।।
आखिर प्यार अगर ना किया गया तो क्या यह फैशन के हिसाब से गलत होगा .................पिज्जा हट , काफी शाप और माल वाले तो सड़क पर ही आजायेंगें । फिर लैला मजनू आफर का क्या होगा ।। आखिर प्यार किया तो डरना क्या खर्च करने से .....................वैसे भी कौन सा बहुत दिनों तक चलना होता है बस दो चार मुलाकत के अलावा ................अरे भई ले लो मजे अब फ्री में तो सब कुछ मिल जायेगा तो काहे का प्यार ............... काहे की दोस्ती ।। और दिल संभाल कर रखना क्यों कि अभी बहुत से रास्ते आने वाले हैं गली में न जाने कहां नैना फाइट हो जाये ।।

14 comments:

priya said...

आजकल प्यार के मायने बदल गये हैं । आधुनिकता में दिखावा ही प्यार बन गया है और भी जाने क्या क्या ?
नैना फाइट हा हा । प्रासंगिक मुद्दा ।

mustkeem said...

क्या बात है नीशू जी बहुत गहरे उतर गये प्यार को लेकर । परन्तु सच ही लिखा है समय को देखते हुए । सब कुछ बाजारवाद पर निर्भर सा होगया है । आप बच के रहियेगा वर्ना आपके भी नैना फाइट ना हो जाये ।

शिव शंकर said...

जिसको देखो रोमियो बना है अब क्या किया जाय । पढ़ने से ज्यादा प्यार पाना जरूरी हो गया है । लेख जोरदार रहा बंधु ।

हिन्दी साहित्य मंच said...

सुंदर आलेख ।

अक्षय-मन said...

अरे यार बहित खूब क्या दिलचस्प पोस्ट किये हो आज.......
मगर क्या किया जा सकता है इन प्यार करने वाले प्राणियों का.......
भाई ज़रा आप संभल के रहना..........
कुछ ज्यादा ही स्मार्ट लगते हो......

अक्षय-मन

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

भैय्या ये कौन सी फाइट है क्या आंख लड़ी वाली तो नहीं ? हा हा

Mithilesh dubey said...

acha post hai. ye bhi acha laga ki agar ejhar karna ho to jaldi karo aisa na ho ki dekhte he reh jao. Ap ne ye bhi sahi kaha ki ab pyar ke mayne sirf coffe shop, park ya anya aise asthano tak hee simit ho gye hai.

AlbelaKhatri.com said...

maze kara diye bhaiji aapne............
waah waah waah waah

अनिल कान्त : said...

waah neeshu bhai waah
majedar

राज भाटिय़ा said...

अरे नीशू भाई आज कल के प्यार का तो पता नही, लेकिन दो जवान बेटो का बाप बन गया, आज तक मेरे मुह से नही निकला यह शव्द जो आज कल के छोरे छोरियां कह देते है

Udan Tashtari said...

बिल्कुल सही इफेक्ट!!

ashutosh said...

kya baat hai dost jordaar lekh hai aapka padh ke acha laga waise title jya achaa hai NAINA FIGHT hahahaa aajkal to bhaiya fighting ka jamana hai fir chahe wo naina fight ho ya koi aur fight waise naina ke naina to ajkal aur bhi katile hote jaa rahe hai are bhai bideshi kajal ka kamal haiiiiiiiii

रंजना said...

प्यार का नया वर्शन- प्यार भी तो एडवांश हो गया है न....

अविनाश वाचस्पति said...

जब साईड वाले इफैक्‍ट
इतने घातक हैं तो
फ्रंट वाले इफैक्‍ट तो
मुंह तोड़क या सूजक होंगे
उनकी पेशी कब होगी