हाल के गुजरात और हिमाँचल प्रदेश चुनाव परिणाम ने भविष्य के राजनीति दृष्टिकोण के काफी कुछ परिवर्तन होने के संकेत दिये है। जहां दोनों प्रदेशों में भाजपा का झंड़ा लहराया है वही कांग्रेस तथा अन्य क्षेत्रीय पार्टियों को गहरा झटका लगा है। अभी महाराष्ट्र , राजस्थान मे होने वाले भावी चुनाव में अन्य पार्टियों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव स्थाई बहुमत पाने वाली पार्टी बसपा की प्रमुख वर्तमान मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश के भावी प्रधानमंत्री बनने के सपने में अनेकों रोडे नजर आते हैं।वही कांग्रेस के लिए दुबारा से सरकार बना पाना असंम्भव सा लगता है। कारण बहुत से रहे। कही धर्म तो कहीं सम्प्रदाय का मुद्दा उठाया गया। और यह सफल भी रहायह नतीजे ही बताते हैं।विधानसभा चुनाव में जो परिंणाम आये वह कांग्रेस के असफल प्रशासन को दर्शाते है। यहां पर केन्द्र सरकार को आने वाले चुनाव के लिए सतर्क हो जाना चाहिए।
Saturday, January 5, 2008
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